दस मुख्य संक्रमण (10 most common infections that can hit your child)

Post by DoctoriDuniya

लोगों को संक्रमण  जीवन के किसी भी उम्र में  हो सकता  है, लेकिन जब बच्चों की बात आती है, तो उन्हें दूसरों की तुलना में अधिक प्रवण माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इनमे  वायरस, बैक्टीरिया और विभिन्न रोगाणुओं के खिलाफ लड़ने की क्षमता दूसरे आयु वर्ग के मुकाबले कम होती  है

1.कान में संक्रमण-बच्चों में कान के  संक्रमण होने का  खतरा अधिक होता है। जब वे एक  सर्दी और फ्लू से पीड़ित होते हैं तो यह गले में सूजन और संक्रमण का कारण बनती  है। यह  रोगाणुओं और जीवाणुओं को पैदा करती हैं  जो कि कान तक फैलते है। इनके मुख्य लक्षणों में बुखार, उलझन  और कान में तनाव व दर्द शामिल है। बच्चों में टीकाकरण के बारे में जागरूकता कान के संक्रमण को रोकने में मदद कर सकती हैं..श्वसन संक्रमण-बच्चों को श्वसन तंत्र में संक्रमण होने की अधिक संभावना होती है। हालांकि यह वायरस के कारण होने वाली  समस्या है जोकि एक आम सर्दी की तरह लगती  है, लेकिन यह गंभीर भी  हो सकती  है अगर समय पर उपचार न किया जाए तो । इसके लक्षणों में ट्रेकिआ में  सूजन, बुखार, और  खांसी  शामिल हैं। यह 5 साल से कम उम्र के बच्चों में अधिक आम है.

3.आंख का  संक्रमण (गुलाबी नेत्र) -बच्चों को वायरस से प्रभावित होने का  खतरा अधिक होता है। बच्चों में आम संक्रमण में से एक  समस्या गुलाबी आंख है। इसके लक्षणों में आँखों में पानी, लालिमा, खुजली, सूजन और आईलैश पे क्रस्ट  शामिल हैं। गुलाबी आंख संक्रामक रोग  है जो तेजी से फैलता है.4.डायरिया – बच्चों में मौत का सबसे सामान्य कारणों में से एक डायरिया   को माना जाता है । लेकिन वैक्सीन के आविष्कार के बाद उसके मामलों में काफी कमी आई है। यह   रोटा वायरस  के कारण होता है जो उल्टी, ढीले पानी  का  मल, पेट में दर्द और मल में खून का कारण बनता है। यह डिहाइड्रेशन की समस्या भी बढ़ाता है.


                                                                   


5.फ्लू-फ्लू न्युमोनिया जैसे गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है यदि समय पर ट्रीटमेंट न हो तो । हम आमतौर पर इसे गंभीर समस्या नहीं समझते, लेकिन यदि इसके लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, थकान या उल्टी शामिल है। तो,गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए आपको तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।6.खसरा -खसरा  एक सामान्य समस्या में से एक है जो बच्चों को प्रभावित करती है। इसके लक्षणों में पूरे शरीर में चकत्ते, खाँसी और तेज बुखार होता है। इसका  समय पर इलाज किया जाना चाहिए क्योंकि इससे निमोनिया हो सकता है यदि आपके बच्चों को टीका लगाया गया है तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।



7.कण्ठ रोग- टीकाकरण के बावजूद भी कण्ठ  रोग होने की दर अभी भी बच्चों में अधिक है। इसके लक्षणों में कान और जबड़े के बीच सूजन शामिल है.8.स्ट्रेप गले या गले में खराश- स्ट्रेप गले भी बच्चों में सबसे आम बीमारियों में से एक है। यह बैक्टीरिया के कारण होता है इसके लक्षणों में छींकने,  सर्दी, निगलने में कठिनाई, गले में  दर्द और तेज बुखार शामिल हैं। इसका एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है।


9.रिंग वार्म- यह फंगस के कारण होने वाली समस्याओं में मुख्य समस्या है.इसके लक्षणों में त्वचा या सिर पर लाल अंगूठी  जैसे चकत्ते शामिल होते  है जो बालों के झड़ने का कारण बनते  है। यह संक्रामक होता है जो व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है।10-मौसमी एलर्जी-लक्षण जैसे बुखार, छींकने, पानी की आंखें, नाक बंद  आदि इसके सामान्य लक्षण हैं.



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